दिन यूँ ही निकलते जाएँ, रातें यूँ ही ढलती जाएँ, मंज़र ये बदलते जाएँ, दिल अपने बहलते जाएँ, गहरे हैं ग़म के साये, है और गहरी तेरी आँखें, ना उभरे तेरी आँखों से, ख़ुदी को डुबोते जाएँ, राहों से प्यार हो जाए, बस यूँ ही खोते जाएँ, मंज़िल कभी ना आए, बस यूँ ही चलते जाएँ, राहों से प्यार हो जाए, पोर एल आमोर के कोम्पारटिमोस, एल उनो अल ओत्रो नोस प्रेओकुपामोस, पोर एल आमोर के कोम्पारटिमोस, एल उनो अल ओत्रो नोस प्रेओकुपामोस, वादियों में घुल जाएँ फ़ज़ा में ख़ुश्बू से बिखर जाएँ, साये में चनारों के सोएँ, इस सैलाब में बह जाएँ, हौले हौले से ऐसी आदत सी तू बनती जाए, परवाना हम बनते जाएँ, तेरी लौ में जलते जाएँ, राहों से प्यार हो जाए, बस यूँ ही खोते जाएँ, मंज़िल कभी ना आए, बस यूँ ही चलते जाएँ, राहों से प्यार हो जाए, पोर एल आमोर के कोम्पारटिमोस, एल उनो अल ओत्रो नोस प्रेओकुपामोस, पोर एल आमोर के कोम्पारटिमोस, एल उनो अल ओत्रो नोस प्रेओकुपामोस,
मंज़र - view, scenery, landscape
पोर एल आमोर के कोम्पारटिमोस por el amor que compartimos – for the love we share
एल उनो अल ओत्रो नोस प्रेओकुपामोस el uno al otro nos preocupamos – we care for each other
परवाना - moth particularly one that flies around a candle at night, metaphor for lover
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