तेरी आँखों के सिवा, दिल में ना झाँके कोई, मैं ज्यूँ हारा हूँ दिल, ऐसे भी ना हारे कोई, हार कर दिल जो मैं जीता हूँ जनम की बाज़ी, जीत कर बाज़ी जनम की, ना यूँ तड़पे कोई, तेरी आँखों के सिवा, दिल में ना झाँके कोई, ना मिले जीते-जी चाहे, ये जनम में हम तुम, हो जनम ओर तो ना हो सिवा तेरे कोई, गर हो तेरे सिवा तो हो ख़ुदा आगे कोई, मेरी आँखों के सिवा, तुझ को ना देखे कोई, तेरी आँखों के सिवा, दिल में ना झाँके कोई, ना थी ख़ुश्बू वो गुलों की, ना बहारें कोई, थे ख़यालात वो सब उन के, क्या जाने कोई, है मोहब्बत से बड़ा ना यहाँ तोहफ़ा कोई, ये करिश्मा है ख़ुदा का जो ना समझे कोई, तेरी आँखों के सिवा, दिल में ना झाँके कोई, तेरी चाहत के सिवा दिल में ना चाहें कोई, तेरी बाहों के सिवा ना हो पनाहें कोई, गर मोहब्बत के सिवा ओर हो मज़हब, काफ़िर, फिर सिवा तेरे ख़ुदा ओर ना हो आगे कोई तेरी आँखों के सिवा, दिल में ना झाँके कोई,
ज्यूँ – like this
जनम – life, birth
बाज़ी – bet, game
जीते-जी – while alive
गुलों – roses
ख़यालात - thoughts
तोहफ़ा – gift
करिश्मा – divine phenomenon, miracle
चाहें - desires
पनाहें – shelters
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