दिल के मेहमाँ हो तुम, दिल में रहो ना, आँसू बन के फिर, आँखों से बहो ना, दिल के मेहमाँ हो तुम, दिल में रहो ना, आँसू बन के फिर, आँखों से बहो ना, मंज़िल तो बस अब कुछ दूरी पे है, थोड़ा तो बन के साथी तुम चलो ना, दिल के मेहमाँ हो तुम, दिल में रहो ना, आँसू बन के फिर, आँखों से बहो ना, मंज़िलें हम को देखो मिल ही जाएँगी, ख़ुशियाँ बच के फिर कहीं ना जा पाएँगी, अपने दिल के जज़्बों को तुम सुनो गर, आवाज़ को मेरी पाओगे वहीं पर, दिल के मेहमाँ हो तुम, दिल में रहो ना, आँसू बन के फिर, आँखों से बहो ना, तुम को भी है कुछ फ़िक्र मेरी कहो ना, प्यार तुम को भी ज़रा सा है कहो ना, झूठा ही चाहे हो इक़रार मगर, अपनो से फिर यूँ किनारे तुम करो ना, दिल के मेहमाँ हो तुम, कहो ना, कहो ना, तुम हम से ये कहो ना, रहो ना, रहो ना, इस दिल में तुम रहो ना, दिल के मेहमाँ हो तुम, दिल में रहो ना, आँसू बन के फिर, आँखों से बहो ना,
मेहमाँ – guest
जज़्बों – emotions
इक़रार - expression, acceptance of love
किनारे - distance oneself
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