दिल में मेरे है, बे-क़रारी तुमसे, तू है गर आसपास, तो जुनूँ तुमसे, जाऊँ दूर तो मैं, जाऊँ कैसे तुमसे, राहें मेरी सारी, मिल जाती है तुमसे, तुमसे ही प्यार, तकरार भी है तुमसे, गुज़रता है मेरा, हर लम्हा तुमसे, तुमसे ही प्यार, तकरार भी है तुमसे, गुज़रता है मेरा, हर लम्हा तुमसे, ये ख़्वाब मेरे जो, सारे हैं बद-नसीब, शायद ता'मील तुम हो, वो ख़्वाबों की, तेरे 'इश्क़ की आग में दिल जलता है, ये वो कसक है, जिस में तू रहता है, ना ये दिल, ना कभी तू संभलता है, ये जिस्म में रूह बन के तू बसता है, तुमसे ही प्यार, तकरार भी है तुमसे, गुज़रता है मेरा, हर लम्हा तुमसे, तुमसे ही प्यार, तकरार भी है तुमसे, गुज़रता है मेरा, हर लम्हा तुमसे, गर तुम साथ ना होते, ख़ाली सा होता ये जहाँ, गर तुम बात ना करते, वीराँ सा होता आशियाँ, जाती जहाँ पे ये नज़रें, दिखती बस तन्हाइयाँ, अब तो लगता है जैसे, काइनात तुमसे यहाँ, तुमसे ही प्यार, तकरार भी है तुमसे, गुज़रता है मेरा, हर लम्हा तुमसे, तुमसे ही प्यार, तकरार भी है तुमसे, गुज़रता है मेरा, हर लम्हा तुमसे,
जुनूँ – spirits
ता'मील – realisation, carrying out
कसक – pain, affliction
वीराँ - desert
आशियाँ - bird nest, residence, home
काइनात - world, universe
© 2024 All Rights Reserved. Design by Sultanimator