ना मैं चाह कर भी वो बन सका, ना मैं चाह कर भी वो बन सका, ना मैं कोई दिल में उभर सका, मैं वो सच हूँ जो कहीं छुप गया, मैं वो सच हूँ जो कहीं छुप गया, ना हूँ झूठ मैं जो सँवर गया, ना कभी कोई मुझे वो मिला, ना कभी कोई मुझे वो मिला, याँ शि'आर कुछ चला है वो, मेरी पुकार कोई सुनेगा क्यूँ, याँ शि'आर कुछ चला है वो, मेरी पुकार कोई सुनेगा क्यूँ, ये पुकार में ही असर ना था, ये पुकार में ही असर ना था, सो हो के मैं, हो के मैं, सो हो के मैं ख़ाक-बसर गया, ना कभी कोई मुझे वो मिला, ना कभी कोई मुझे वो मिला, ना कभी कोई मुझे वो मिला, ना कभी कोई मुझे वो मिला, मिला, मिला, मिला, मिला, ना कभी ना कभी मिला, मुझे मिला,
ख़ूँ - blood
सँवर – decorate
निखर गया - became clean and pure
शि'आर - custom, trend
ख़ाक-बसर - weeping mournfully and worried and carrying dust and mud on head
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