LYRICS of Kyun Hai

Romanised Title: Kyun Hai
Singer & Composer : Shaashwat Pandey | Akshay Vairagi
Author and Copyright Holder: Mahendra Dhirajlal Kamdar

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Hindi Lyrics English Lyrics

Urdu Lyrics Song Explanation

दिलो में नफ़रत, ज़ुबाँ पे शो'ले, घरों में सामाँ-ए-क़त्ल क्यूँ है, है तपती रूहों में अश्क धारे, यहाँ पे इतने 'अज़ाब क्यूँ है, दिलो में लालच, ज़ुबाँ पे नाले, घरों में तेरे रिश्वत की रस्में, दु'आ में शर्तें, शर्तों में तक़ाज़े, ये मज़हबों का व्योपार क्यूँ है, क्यूँ है, क्यूँ है, सभी के दामन पे दाग़ क्यूँ है, क्यूँ है, क्यूँ है, सभी की रूहें क्यूँ दबी हुई है, मंज़र है जंग-ए-बारूद-ओ-तुफ़ंग, इंसाँ का ख़ूँ इतना सस्ता क्यूँ है, गर हालत तेरे जहाँ की ये है तो दिल तेरा इतना सख़्त क्यूँ है, मुल्कों की सरहदें, सरहदों की जंग, ये वहशत-ए-जुनूँ क्यूँ है, तेरी ये दुनिया बिखर ना जाए, तुझे ये क़ुबूल है तो ये क्यूँ है, कहीं है मंदिर, कहीं है मस्जिद, कहीं है का'बा-ओ-कलीसा बहुत, पर कहाँ है तेरा ठिकाना, कहीं पे तेरा नाम-ओ-निशाँ क्यूँ नहीं है, क्यूँ है, क्यूँ है, सभी के दामन पे दाग़ क्यूँ है, क्यूँ है, क्यूँ है, सभी की रूहें क्यूँ दबी हुई है, कभी तू का'बे से निकलकर, कभी तो बंदों की फ़िक्र तू कर ले, ख़ुदा तू ये कैसा ख़ुदा है, कुछ नहीं तो दा'वा ख़िल्क़त का क्यूँ है,

Meaning of Some Words
     

ज़ुबाँ - tongue
सामाँ-ए-क़त्ल - weapons of killing
धारे - streams
'अज़ाब - pain, divine punishment
नाले - lamentations
दु'आ - prayers
तक़ाज़े - demands
दाग़ - blemish
मंज़र - spectacle
जंग-ए-बारूद-ओ-तुफ़ंग - war of explosives and firearms
तुफ़ंग - firearms
इंसाँ - mankind
ख़ूँ - blood
वहशत-ए-जुनूँ - barbarity of spirits
का'बा - sacred building of mosque in Mecca
बंदों – disciples, worshippers
कलीसा - church
ख़िल्क़त - creation


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